सब बदला है और बदलेगा पर कप्तान नहीं... जानें नीतीश कुमार का राजनीतिक सफर?

Nitish Kumar Political Career: पिछले 15 सालों में बिहार की राजनीति में कई बार उठा-पटक देखने को मिला. इन 15 सालों में खेल एक ही रहा.. एक दल का दामन छोड़कर दूसरे के साथ आना. इस खेल में कई खिलाड़ी छूटे... कई बदलाव हुआ लेकिन कप्तान नहीं बदला. आइए जानते हैं नीतीश कुमार का राजनीतिक सफर.

Purushottam Kumar

Nitish Kumar Political Career: सब बदला है और बदलेगा पर कप्तान नहीं.... ये बात बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर बिल्कुल सटीक बैठती है क्योंकि पिछले 15 सालों में बिहार की राजनीति में कई बार उठा-पटक देखने को मिला. इन 15 सालों में खेल एक ही रहा.. एक दल का दामन छोड़कर दूसरे के साथ आना. इस खेल में कई खिलाड़ी छुटे... कई बदलाव हुआ लेकिन कप्तान नहीं बदला. 

'किंग' और 'किंगमेकर' रहे हैं नीतीश कुमार

बिहार की राजनीति में पिछले 15 साल के दौरान कई बार उठा-पटक हुई. सत्ता की कुर्सी पर JDU, RJD और BJP आई जरूर लेकिन मुख्यमंत्री की कुर्सी पर नीतीश कुमार ही विराजमान रहें. बिहार की राजनीति को अगर आप करीब से देखेंगे तो नीतीश कुमार आपको 'किंग' और 'किंगमेकर' दोनों की भूमिका में नजर आएंगे. नीतीश कुमार ने कभी BJP, तो कभी RJD के साथ मिलकर सत्ता पर राज किया है.

RJD से अलग हो रहे हैं नीतीश!

बिहार विधानसभा में नीतीश कुमार की पार्टी की सीटें भले ही कम हो लेकिन फिर भी सीएम वही बने और अब एक बार फिर पूरे देश की नजर बिहार की राजनीति पर टिकी हुई है. बिहार की राजनीती को लेकर दावा किया जा रहा है कि नीतीश कुमार अब RJD का साथ छोड़कर BJP के साथ जा रहे हैं. इसी के साथ आइए जानते हैं नीतीश का राजनीतिक सफर.


सरकारी नौकरी से राजनीति में एंट्री

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने NIT पटना से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और फिर बिहार बिजली विभाग में सरकारी नौकरी की. हालांकि, इस दौरान नीतीश कुमार छात्र राजनीति में उतर चुके थे जिसके बाद उन्होंने राजनीति में आने का फैसला लिया. इसके बाद नीतीश कुमार नौकरी से इस्तीफा देकर राजनीति के उतरे और जेपी आंदोलन के समय चर्चा में आए.

जेपी आंदोलन से निखरे नीतीश कुमार

जेपी आंदोलन के दौरान नीतीश कुमार उस वक्त चर्चे में आए जब छात्रों के बीच जाकर उन्हें मैनेज करते थे. इसके बाद 1977 के नीतीश कुमार को हरनौत विधानसभा से जनता पार्टी ने उम्मीदवार बनाया. हालांकि, इस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा. इसके बाद फिर 1985 के चुनाव में नीतीश कुमार हरनौत विधानसभा से चुनाव जीतकर विधायक बने. 

6 बार सांसद रहे हैं नीतीश कुमार 

साल 1985 के बाद राजनीति में नीतीश कुमार के सितारे बुलंद रहे हैं. साल 1989 में सीएम नीतीश बाढ़ से पहली बार सांसद बने. इसके बाद फिर 1991, 1996 और 1998 में भी नीतीश कुमार लोकसभा सांसद बने. इसके बाद अटल जी की सरकार में नीतीश कुमार रेल मंत्री बने. हालांकि, किशनगंज में हुए रेल हादसे के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद साल 1999 में 5वीं बार सांसद और केंद्र सरकार में कृषि मंत्री बने. इसके बाद एक बार फिर  2004 में नीतीश कुमार सांसद बने और फिर बिहार की राजनीति में सक्रिय हो गए. 

साल 2000 में पहली बार सीएम बने 

साल 2020 में 3 मार्च को नीतीश कुमार ने पहली बार बिहार के सीएम और बहुमत नहीं होने के चलते 10 मार्च को पद से इस्तीफा दे दिया. इसके बाद साल 2005 में बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाई और मुख्यमंत्री बने.

जब नीतीश कुमार ने किया खेला !

2014 में नीतीश कुमार BJP से अलग हुए और RJD के साथ हुए और फिर बिहार में सरकार बनाई. इसके बाद लोकसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद पद से इस्तीफा दिया और जीतन राम मांझी को सीएम बनाया. हालांकि, बाद में मांझी का इस्तीफा हुआ और 22 फरवरी 2015 को नीतीश कुमार फिर सीएम बने. इसके बाद, नीतीश कुमार की पार्टी ने 2015 में RJD के साथ चुनाव लड़ा और जीत दर्ज कर सरकार बनाई और फिर से सीएम बने. इसके बाद 2017 में IRCTC घोटाले में तेजस्वी यादव का नाम आया और नीतीश कुमार पाला बदला बीजेपी में शामिल हो गए. इसके बाद 2022 में नीतीश कुमार ने एक बार फिर पलटी मारी और RJD, कांग्रेस और लेफ्ट के साथ मिलकर सरकार बनाई.