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बंगाल गवर्नर सी वी आनंद बोस ने केंद्र को भेजा सीलबंद लिफाफा, शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु ने लगाए गंभीर आरोप

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ने सी वी आनंद बोस ने केंद्र और राज्य सरकार को सीलबंद लिफाफे भेजे हैं. आनंद बोस ने ये लिफाफे 9 सितंबर की देर रात भेजे हैं.

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Gyanendra Sharma
बंगाल गवर्नर सी वी आनंद बोस ने केंद्र को भेजा सीलबंद लिफाफा, शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु ने लगाए गंभीर आरोप

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ने सी वी आनंद बोस ने केंद्र और राज्य सरकार को सीलबंद लिफाफे भेजे हैं. आनंद बोस ने ये लिफाफे 9 सितंबर की देर रात भेजे हैं. बंगाल सरकार और राज्यपाल के बीच खींचातानी चल रही है. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु ने 8 सितंबर को गवर्नर पर हाई एजुकेशन सिस्टम को नष्ट करने का आरोप लगाया था.

आनंद बोस ने कहा- राज्यपाल किसी के अहंकार को संतुष्ट करने के लिए अपनी मर्जी से लोगों को नियुक्त करके कठपुतली शासन चलाना चाहते हैं. इसके जवाब में 9 सितंबर को राज्यपाल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि आधी रात का इंतजार करें, आप देखेंगे कि क्या कार्रवाई होती है. शिक्षा मंत्री बसु ने एक्स (पहले ट्विटर था) पर लिखा कि आधी रात तक देखें, क्या कार्रवाई होती है. सावधान, सावधान... शहर में नया पिशाच. नागरिकगण कृपया अपना ध्यान रखें. इसके बाद राज्यपाल ने एक सीलबंद लिफाफा राज्य सचिवालय और दूसरा केंद्र के पास भेजा है.

तृणमूल कांग्रेस ने लगाए गंभीर आरोप

तृणमूल कांग्रेस इसपर हमलावर हैं. टीएमसी ने आरोप लगाया कि गवर्नर को बीजेपी का समर्थन हैं. टीएमसी सांसद शांतनु सेन ने कहा कि राज्यपाल आधी रात में सीक्रेट लेटर भेज रहे हैं. वो बीजेपी की नजर में अच्छे बने रहना चाहते हैं, जिससे उन्हें दिल्ली में एक अच्छी पोस्टिंग मिल सके. गवर्नर सभी नियमों, कानूनों और संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन कर राज्य की शिक्षा व्यवस्था को तबाह कर रहे हैं. राज्य सरकार की ओर से उनके रवैये पर कई बार सवाल उठाए गए, फिर भी वह बेफिक्र नजर आ रहे हैं. 

बीजेपी ने किया पलटवार

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने इसपर पलटवार करते हुए कहा कि बीते 10 सालों से राज्यपाल विश्वविद्यालयों से राजनीति, डर और धमकी भरा माहौल खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं. इसके लिए वे ओवरटाइम भी कर रहे हैं. यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स वहां के माहौल से परेशान हैं. इसके बावजूद टीएमसी विश्वविद्यालयों में अपने लोगों को कुलपति बना रहे हैं.