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Bahrampur Lok Sabha Seat Result: यूसुफ पठान ने बदल दिया 25 साल का इतिहास, हार गए अधीर रंजन चौधरी

Yusuf Pathan: पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ने उतरे पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान ने पश्चिम बंगाल की बहरामपुर लोकसभा सीट पर बड़ा उलटफेर कर दिया है. यूसुफ पठान ने 5 बार के सांसद और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी को हरा दिया है.

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Bahrampur Lok Sabha Seat
Courtesy: IDL

Bahrampur Lok Sabha Seat Result: पश्चिम बंगाल के बहरामपुर लोकसभा सीट से इस बार क्रिकेटर यूसुफ पठान ने जीतकर इतिहास रच दिया है. टीएमसी की ओर से मैदान में बल्लेबाजी करने उतरे यूसूफ ने कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी को 85022 मतों के अंतर से हरा दिया है. यूसुफ पठान को 524516 को वोट मिले. वहीं, अधीर रंजन को 439494 वोट मिले.  

यूसुफ पठान के चुनाव लड़ने को इस बार अधीर रंजन ने बाहरी बनाम स्थानीय का मुद्दा बनाया. इस पर यूसुफ पठान कहते रहे कि जब पीएम मोदी गुजरात के होकर वाराणसी से चुनाव लड़ सकते हैं तो मैं यहां से क्यों नहीं लड़ सकता. लगातार कांग्रेस के जीतने के बावजूद यहां विकास के मुद्दे बने हुए हैं. वहीं, टीएमसी की सरकार पर भी सवाल हैं कि वह इस क्षेत्र में काम नहीं करवा रही है.  

जातीय समीकरण

मुस्लिम बहुल इस सीट पर कुल 17.21 लाख वोटर हैं. इसमें लगभग 52 पर्सेंट यानी 8.5 लाख से ज्यादा मुस्लिम वोटर हैं. हिंदू मतदाता लगभग 48 पर्सेंट हिंदू मतदाता हैं. वहीं, SC 13 पर्सेंट तो ST सिर्फ 1 पर्सेंट हैं. यही वजह है कि इस बार अधीर रंजन चौधरी को चुनौती देने के लिए ममता बनर्जी की टीएमसी ने यहां से मशहूर क्रिकेटर यूसुफ पठान को चुनाव में उतार दिया.

2019 में कौन जीता था?

लगातार यहां से जीत रहे अधीर रंजन चौधरी ने 2019 में पांचवीं बार जीत हासिल की. उनका मुकाबला टीएमसी के अपूर्ब सरकार से साथ. अपूर्ब सरकार ने अधीर रंजन को कड़ी टक्कर तो दी लेकिन 81 हजार वोटों से चुनाव हार गए. अधीर रंजन 5.91 लाख वोट मिले तो अपूर्ब सरकार को 5.10 लाख वोट मिले. बीजेपी तीसरे नंबर पर रही और उसे सिर्फ 1.43 लाख वोट मिले.

लोकसभा सीट का इतिहास

पश्चिम बंगाल की इस लोकसभा सीट का इतिहास बड़ा रोचक है. कुल 17 लोकसभा चुनाव हुए हैं लेकिन सांसद सिर्फ पांच व्यक्ति ही बने हैं. रेवॉल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी के त्रिदिब चौधरी लगातार सात बार यानी 1952 से 1984 तक यहां के सांसद रहे. एक बार कांग्रेस के अतिश चंद्र सिन्हा साल 1984 में यहां से जीते. उसके बाद दो-दो बार रिवॉल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी के नानी भट्टाचार्य और प्रमथेश मुखर्जी यहां के सांसद बने. साल 1999 से अब तक कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी यहां से सांसद हैं. इस सीट पर टीएमसी या बीजेपी आज तक एक भी चुनाव नहीं जीत पाई हैं.