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'आर्टिकल-370 नेहरू की गलत नीतियों का परिणाम था, अब कश्मीर में कोई...'- संसद में बोले शाह

Amit Shah: लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर बहस जारी है. सदन में चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मणिपुर हिंसा और आर्टिल-370 पर भी अपनी बात रखी.

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Sagar Bhardwaj
'आर्टिकल-370 नेहरू की गलत नीतियों का परिणाम था, अब कश्मीर में कोई...'- संसद में बोले शाह

नई दिल्ली: लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर बहस जारी है. सदन में चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने मणिपुर हिंसा और आर्टिल-370 पर भी अपनी बात रखी.

जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल-370 हटाने के अपनी सरकार के फैसले का बचाव करते हुए अमित शाह ने कहा कि आर्टिकल-370 पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की गलत नीतियों का परिणाम था. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जम्मू-कश्मीर को भारत में पूरी तरह से मिलाने के लिए ऐतिहासिक फैसला लिया था.

'हमारा उद्देश्य कश्मीर को आतंकवाद मुक्त बनाना है'

गृह मंत्री शाह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में 40,000 लोगों ने अपनी जान गंवाई, हमारी सरकार ने इस स्थिति में सुधार किया है.

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार की नीतियों के कार्यान्वयन से 2014 के बाद से कश्मीर के हालात में बड़ा बदलाव आया है. शाह ने कहा कि हमारा उद्देश्य कश्मीर से आतंकवाद को पूरी तरह से समाप्त करना है.

'हमारा ध्यान अब कश्मीर के युवाओं पर'

शाह ने कहा कि हुर्रियत और जमीयत जैसे समूहों को किनारे रखकर अब हमारा ध्यान घाटी के युवाओं पर है. उन्होंने कहा कि अब कश्मीर में आतंकियों के मरने के बाद उनके अंतिम संस्कार पर जुलूस नहीं निकाला जाता क्योंकि मृत्यु स्थल पर ही उन्हें दफना दिया जाता है. उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में अब पत्थरबाजी की घटनाएं पूरी तरह से बंद हो चुकी हैं.

'कश्मीर में अब कोई पत्थरबाजी करने की हिम्मत नहीं कर सकता'

अमित शाह ने देश की सुरक्षा को लेकर सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि हमारे निर्णायक रुख के कारण पूरे देश में पीएफआई पर प्रतिबंध लगा दिया गया.

गृह मंत्री शाह ने कहा कि मोदी सरकार कश्मीर को पूरी तरह से आतंकवाद मुक्त  करने के लिए लगातार प्रयासरत है. उन्होंने कहा कि अब कश्मीर में कोई भी पत्थरबाजी करने की हिम्मत नहीं कर सकता.

'मणिपुर की हिंसा शर्मानक'

मणिपुर हिंसा का जिक्र करते हुए अमित शाह ने कहा कि मणिपुर में जो हिंसा हो रही है वह शर्मनाक है, लेकिन विपक्ष इस हिंसा पर जो राजनीति कर रहा है वह उससे भी ज्यादा शर्मनाक है.

उन्होंने आरोप लगाया कि वे इस मुद्दे पर चर्चा नहीं केवल राजनीति करना चाहते हैं. गृह मंत्री शाह ने कहा कि मणिपुर में जातीय हिंसा का इतिहास रहा है और वर्तमान स्थिति को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए.

'पिछले 6 सालों में मणिपुर में कोई कर्फ्यू नहीं लगा'

उन्होंने कहा कि मणिपुर में पिछले 6 साल से बीजेपी की सरकार है, इन 6 सालों में वहां एक दिन कर्फ्यू नहीं लगा, एक दिन भी सड़क जाम नहीं की गयी.

वहीं, मणिपुर सीएम एम बीरेन सिंह से अब तक इस्तीफा ना लेने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यदि सीएम सहयोग न कर रहा हो तो उसे हटाया जा सकता है लेकिन बीरेन सिंह सहयोग कर रहे हैं.

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