अखिलेश यादव जमकर भड़क उठी मायावती! सपा से सुरक्षा का बताया खतरा; पार्टी दफ्तर बदलने की मांग
मायावती ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि सपा मुखिया जिससे भी गठबन्धन की बात करते हैं उनकी पहली शर्त बसपा से दूरी बनाए रखने की होती है.
नई दिल्ली: BSP सुप्रीमो मायावती ने सपा से अपनी जान को खतरा बताया है. मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पोस्ट पर लिखा "सपा अति-पिछड़ों के साथ-साथ जबरदस्त दलित-विरोधी पार्टी भी है, हालांकि बीएसपी ने पिछले लोकसभा आमचुनाव में सपा से गठबन्धन करके इनके दलित-विरोधी चाल, चरित्र व चेहरे को थोड़ा बदलने का प्रयास किया, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद ही सपा पुनः अपने दलित-विरोधी जातिवादी एजेण्डे पर आ गई."
'सपा मुखिया के गठबन्धन की पहली शर्त BSP से दूरी'
मायावती ने आगे कहा "अब सपा मुखिया जिससे भी गठबन्धन की बात करते हैं उनकी पहली शर्त बसपा से दूरी बनाए रखने की होती है, जिसे मीडिया भी खूब प्रचारित करता है. वैसे भी सपा के 2 जून 1995 सहित घिनौने कृत्यों को देखते हुए व इनकी सरकार के दौरान जिस प्रकार से अनेकों दलित-विरोधी फैसले लिये गये हैं."
'बात भरोसे का है.. आप में से कौन भरोसा दिलाएगा?'
दरअसल बीते दिनों इंडिया गठबंधन में BSP के शामिल होने के सवाल पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि 2024 लोकसभा चुनाव के बाद का भरोसा आप दिलाओगे. बात का भरोसे का है. अगर वह आती हैं तो आप में से कौन भरोसा दिलाएगा? बीते दिनों दिल्ली में हुई इंडिया गठबंधन की चौथी बैठक में एक नई तस्वीर उभर कर सामने आई. जहां सपा नेता रामगोपाल यादव ने कांग्रेस से बसपा को लेकर स्टैंड क्लियर करने को कहा था. राम गोपाल यादव ने कहा कि कांग्रेस को यह तस्वीर साफ करना चाहिए कि क्या वे बीएसपी के संपर्क में है? ऐसी जानकारी मिल रही है कि कांग्रेस बीएसपी से गठबंधन करने के पक्ष में है. अगर बसपा इंडिया गठबंधन का हिस्सा बनती है तो सपा गठबंधन से खुद को अलग कर लेगी और इस गठबंधन का हिस्सा बनने को तैयार नहीं होगी. इस पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि हमें किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए.