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India Daily

अखिलेश यादव जमकर भड़क उठी मायावती! सपा से सुरक्षा का बताया खतरा; पार्टी दफ्तर बदलने की मांग

मायावती ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि सपा मुखिया जिससे भी गठबन्धन की बात करते हैं उनकी पहली शर्त बसपा से दूरी बनाए रखने की होती है.

Avinash Kumar Singh
अखिलेश यादव जमकर भड़क उठी मायावती! सपा से सुरक्षा का बताया खतरा; पार्टी दफ्तर बदलने की मांग

हाइलाइट्स

  • अखिलेश यादव जमकर भड़क उठी मायावती
  • मायावती ने सपा से सुरक्षा का बताया खतरा

नई दिल्ली: BSP सुप्रीमो मायावती ने सपा से अपनी जान को खतरा बताया है. मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पोस्ट पर लिखा "सपा अति-पिछड़ों के साथ-साथ जबरदस्त दलित-विरोधी पार्टी भी है, हालांकि बीएसपी ने पिछले लोकसभा आमचुनाव में सपा से गठबन्धन करके इनके दलित-विरोधी चाल, चरित्र व चेहरे को थोड़ा बदलने का प्रयास किया, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद ही सपा पुनः अपने दलित-विरोधी जातिवादी एजेण्डे पर आ गई."

'सपा मुखिया के गठबन्धन की पहली शर्त BSP से दूरी' 

मायावती ने आगे कहा "अब सपा मुखिया जिससे भी गठबन्धन की बात करते हैं उनकी पहली शर्त बसपा से दूरी बनाए रखने की होती है, जिसे मीडिया भी खूब प्रचारित करता है. वैसे भी सपा के 2 जून 1995 सहित घिनौने कृत्यों को देखते हुए व इनकी सरकार के दौरान जिस प्रकार से अनेकों दलित-विरोधी फैसले लिये गये हैं."

पार्टी दफ्तर के लिए योगी सरकार से मांगी नई जगह

मायावती ने आगे कहा "जिनमें बीएसपी यूपी स्टेट आफिस के पास ऊंचा पुल बनाने का कृत्य भी है जहां से षड्यन्त्रकारी अराजक तत्व पार्टी दफ्तर, कर्मचारियों व राष्ट्रीय प्रमुख को भी हानि पहुंचा सकते हैं जिसकी वजह से पार्टी को महापुरुषों की प्रतिमाओं को वहां से हटाकर पार्टी प्रमुख के निवास पर शिफ्ट करना पड़ा. साथ ही इस असुरक्षा को देखते हुए सुरक्षा सुझाव पर पार्टी प्रमुख को अब पार्टी की अधिकतर बैठकें अपने निवास पर करने को मजबूर होना पड़ रहा है, जबकि पार्टी दफ्तर में होने वाली बड़ी बैठकों में पार्टी प्रमुख के पहुँचने पर वहां पुल पर सुरक्षाकर्मियों की अतिरिक्त तैनाती करनी पड़ती है. ऐसे हालात में बीएसपी यूपी सरकार से वर्तमान पार्टी प्रदेश कार्यालय के स्थान पर अन्यत्र सुरक्षित स्थान पर व्यवस्था करने का भी विशेष अनुरोध करती है, वरना फिर यहां कभी भी कोई अनहोनी हो सकती है. साथ ही दलित-विरोधी तत्वों से भी सरकार सख़्ती से निपटे, पार्टी की यह भी मांग है."

'बात भरोसे का है.. आप में से कौन भरोसा दिलाएगा?' 

दरअसल बीते दिनों इंडिया गठबंधन में BSP के शामिल होने के सवाल पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि 2024 लोकसभा चुनाव के बाद का भरोसा आप दिलाओगे. बात का भरोसे का है. अगर वह आती हैं तो आप में से कौन भरोसा दिलाएगा? बीते दिनों दिल्ली में हुई इंडिया गठबंधन की चौथी बैठक में एक नई तस्वीर उभर कर सामने आई. जहां सपा नेता रामगोपाल यादव ने कांग्रेस से बसपा को लेकर स्टैंड क्लियर करने को कहा था. राम गोपाल यादव ने कहा कि कांग्रेस को यह तस्वीर साफ करना चाहिए कि क्या वे बीएसपी के संपर्क में है? ऐसी जानकारी मिल रही है कि कांग्रेस बीएसपी से गठबंधन करने के पक्ष में है. अगर बसपा इंडिया गठबंधन का हिस्सा बनती है तो सपा गठबंधन से खुद को अलग कर लेगी और इस गठबंधन का हिस्सा बनने को तैयार नहीं होगी. इस पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि हमें किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए.