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'इतनी नफरत तो पाकिस्तानी भी नहीं करते', राम मंदिर पर हो रही राजनीति से आहत हुए आचार्य प्रमोद कृष्णम

Ram Mandir: अयोध्या में बन रहे राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में अब महज कुछ हफ्तों का ही समय रह गया है जिसको लेकर देश भर में तैयारियां जोरों पर हैं. जहां एक ओर लोगों को आमंत्रण पत्र जाने लगे हैं तो वहीं दूसरी ओर यहां मिलने वाली सुविधाओं का भी आए दिन उद्घाटन हो रहा है.

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Vineet Kumar
Acharya Pramod Krishnam

हाइलाइट्स

  • विरोध के नाम पर कुछ भी कर रहा है विपक्ष
  • जो रामोत्सव में शामिल नहीं वो दुर्भाग्यशाली

Ram Mandir: अयोध्या में बन रहे राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में अब महज कुछ हफ्तों का ही समय रह गया है जिसको लेकर देश भर में तैयारियां जोरों पर हैं. जहां एक ओर लोगों को आमंत्रण पत्र जाने लगे हैं तो वहीं दूसरी ओर यहां मिलने वाली सुविधाओं का भी आए दिन उद्घाटन हो रहा है.

विरोध के नाम पर कुछ भी कर रहा है विपक्ष

जहां एक ओर राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर लोगों में उत्साह है तो वहीं पर विपक्ष की ओर से राजनीति भी तेज हो गई है. इस बीच कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने राम मंदिर पर चल रही राजनीति को लेकर बड़ा बयान दे डाला है जिसको लेकर उनकी खुद की पार्टी बैकफुट पर नजर आ रही है.

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने राम मंदिर पर बात करते हुए कि विपक्ष पीएम मोदी का विरोध करने के चक्कर में कुछ भी कर रहा है. हमें विरोध करना चाहिए न कि नफरत, रामजी के पुनरागमन पर मैं देश भर को  बधाई देता हूं. राम भारत की आत्मा है और बिना उनके इस देश की कल्पना नहीं की जा सकती. राम से नफरत तो पाकिस्तानी भी नहीं करते तो भारत में इसका विरोध क्यों हो रहा है. भारत के रोम-रोम में राम हैं.'

जो रामोत्सव में शामिल नहीं वो दुर्भाग्यशाली

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने निमंत्रण मिलने पर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल न होने वाले लोगों पर तंज कसते हुए कहा कि जिस रामराज्य की कल्पना महात्मा गांधी ने की थी वो आज साकार हो रहा है. 22 तारीख को रामजी की प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है जो कि सौभाग्य की बात है, जिन्हें प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने का न्योता मिला है उन्हें जरूर जाना चाहिए और जो नहीं जाते हैं यह उनका दुर्भाग्य है. जो लोग राम से नफरत करते हैं उनकी भारतीय राजनीति में कोई जगह नहीं है. हमें इस दिन को त्योहार की तरह मनाना चाहिए.

अपनी गलतियों का खामियाजा भुगत रहा है गठबंधन

गौरतलब है कि I.N.D.I.A गठबंधन में शामिल कई दल के नेताओं को प्राण प्रतिष्ठा में जाने का निमंत्रण मिला है लेकिन कई नेताओं ने न जाने की बात कह कर विरोध किया है. आचार्य प्रमोद कृष्णम ने विपक्ष के उन्हीं नेताओं पर तंज कसा है. कुछ वक्त पहले भी कृष्णम ने सहयोगी दलों पर निशाना साधते हुए कहा था कि ये इतने महान हैं कि हर दिन कोई न कोई सनातन को खत्म करने का ऐलान कर देता है तो कोई रामचरित मानस के पन्ने फाड़ने की बात कहता है. ये वो गलतियां हैं जिसका खामियाजा हम सभी को चुनावों में भुगतना पड़ता है.