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सांसदों के 'फर्जी साइन' मामले पर गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जवाब देंगे राघव चड्ढा, बोले- 'बीजेपी के नापाक मंसूबों का...'

Raghav Chadha: 5 राज्यसभा सांसदों का आरोप है कि दिल्ली सेवा विधेयक पर प्रस्तावित चयन समिति में उनकी सहमति के बिना उनके फर्जी हस्ताक्षर किए गए.

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Sagar Bhardwaj
सांसदों के 'फर्जी साइन' मामले पर गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जवाब देंगे राघव चड्ढा, बोले- 'बीजेपी के नापाक मंसूबों का...'

नई दिल्ली: दिल्ली सेवा विधेयक पर प्रस्तावित चयन समिति में फर्जी हस्ताक्षर मामले में आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. उनके खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव लाया जा सकता है. 

हालांकि राघव चड्ढा इस पूरे मामले पर कल यानी गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस संबोधित करने जा रहे हैं. उन्होंने खुद ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी है.

राघव चड्ढा ने एक ट्वीट कर कहा, 'मैं पार्टी के अन्य सांसदों के साथ गुरुवार सुबह लगभग 10 बजे दिल्ली स्थित आम आदमी पार्टी के मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करूंगा. मेरे ऊपर लगातार जो झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं और विशेषाधिकार कार्यवाही की मांग की जा रही है, यह कॉन्फ्रेंस उन्हीं मुद्दों को लेकर होगी. मैं एक सांसद के रूप में मेरी छवि को धूमिल करने के बीजेपी के नापाक मंसूबों का पर्दाफाश करूंगा.'

राघव चड्ढा के खिलाफ लाया जा सकता है विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव
राज्य सभा में आप सांसद राघव चड्ढा के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाया जा सकता है. दरअसल, सोमवार को पांच राज्यसभा सांसदों ने राघव चड्ढा के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने की मांग की. 

सांसदों का आरोप है कि दिल्ली सेवा विधेयक पर प्रस्तावित चयन समिति में उनकी सहमति के बिना उनके फर्जी हस्ताक्षर किए गए.

राघव चड्ढा के खिलाफ हो सकती है FIR

बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी और नरहरि अमीन द्वारा चड्ढा के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव लाए जाने की संभावना है. 

राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने कहा था कि इस मामले की जांच की जाएगी. सूत्रों का कहना है कि राघव चड्ढा के खिलाफ FIR भी दर्ज की जा सकती है.

राघव चड्ढा पर क्या है आरोप
राघव चड्ढा पर आरोप है कि उनकी ओर से दिल्ली सेवा बिल सेलेक्ट कमेटी को भेजने वाले प्रस्ताव में 5 राज्यसभा सांसदों सस्मित पात्रा, नरहरि अमीन, थंबीदुरई, सुधांशु त्रिवेदी और फांगनोन कोन्याक का नाम शामिल किया गया. जबकि इन सांसदों ने सोमवार को कहा कि उन्होंने ऐसे किसी भी प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए और उनके हस्ताक्षर फर्जी हैं.

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