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हीटवेव से गिर रहीं लाशें? नोएडा में एक दिन में 14 की मौत से मचा हड़कंप, जानलेवा हो रही गर्मी

हीटवेव के कारण पिछले 72 घंटों में दिल्ली में 5 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं पिछले 24 घंटे में नोएडा में 14 लोगों के हीटवेव से मरने की आशंका जताई जा रही है. हालांकि दिल्ली और उससे सटे इलाकों में रहने वाले लोगों को 24 से 28 घंटे में हीटवेब और भीषण गर्मी से राहत मिलने के आसार हैं. मौसम विभाग ने इन इलाकों में बारिश की संभावना जताई है.

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Courtesy: social media

Heat Wave: दिल्ली से सटे नोएडा में बीते मंगलवार को 14 लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. इन लोगों की हीट स्ट्रोक (लू लगना) होने से मौत की आशंका जताई जा रही है. हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने इस सभी के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है, रिपोर्ट आने पर ही मौत के सही कारणों का पता चलेगा.

बता दें कि इस समय पूरे उत्तर भारत में प्रचंड गर्मी पड़ रही है. यह गर्मी लोगों के लिए न केवल आर्थिक नुकसान का कारण बन रही है बल्कि उनके लिए जानलेवा भी साबित हो रही है. प्रचंड गर्मी के कारण लू और हीट स्ट्रोक के मामलों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है.

मृतकों के शरीर पर मौत के निशान नहीं

मंगवार को नोएडा के अलग-अलग स्थानों पर 14 लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. मृतकों में से कुछ को पुलिस और कुछ को उनके परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे. मृतकों के शरीर पर किसी प्रकार की चोट के कोई निशान नहीं थे. ऐसे में इन सभी लोगों की हीट स्ट्रोक से मौत होने की संभावना जताई जा रही है. इन लोगों की मौत को लेकर जिला अस्पताल की सीएमस ने बयान जारी किया है. नोएडा जिला अस्पताल की सीएमएस रेणु अग्रवाल ने जानकारी देते हुए कहा कि कल हमारे यहां 14 ब्रॉट डेड मामले लाए गए थे, इनमें से कुछ को पुलिस तो कुछ को उनके परिजन लेकर आए. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से ही उनकी मौत का सही कारण पता चलेगा.

क्या होता है हीट स्ट्रोक
हीट स्ट्रोक को आम भाषा में लू लगना कहते हैं. जब आपका शरीर अपने तापमान को कंट्रोल नहीं कर पाता और शरीर का तापमान तेजी से बढ़ने लगता है तो इसे लू लगना कहते हैं. जब किसी को लू लगती है तो उस शख्स को बिल्कुल भी पसीना नहीं आता जिससे उस शख्स के शरीर का तापमान और ज्यादा बढ़ने लगता है. डॉक्टरों की मानें तो हीट-स्ट्रोक की चपेट में आने पर 10-15 मिनट में ही शरीर का तापमान 106 डिग्री फारेनहाइट या उससे अधिक जा सकता है. अगर समय रहते इसका इलाज न किया जाए तो इंसान की मौत हो सकती है.

हीट स्ट्रोक के लक्षण
सिर में दर्द, तेज बुखार, बेहोशी, मानसिक स्थिति बिगड़ना, मतली और उल्टी आना, त्वचा लाल पड़ना, धड़कन बढ़ना, त्वचा का नर्म होना, त्वचा का सूखना और पागलपन इसके लक्षण हैं.

हीट स्ट्रोक का प्रारंभिक इलाज
पीड़ित को सबसे पहले धूप से बचाएं. उसके शरीर से कपड़े हटा दें और उसके शरीर को हवा लगने दें. शख्स को कूलर या पंखे में बिठाएं. हो सके तो उसे तुरंत ठंडे पानी से नहलाएं. ऐसा संभव न हो तो उसके शरीर को तुरंत गीले कपड़े से पोंछे, उसके सिर पर बर्फ रखें. ठंडे पानी में तौलिया भिगोकर उसके सिर, गर्दन, कमर और बगल में रखें. अगर इस पर भी राहत न मिले तो मरीज को तुरंत अस्पताल लेकर जाएं.