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S Jaishankar In Munich Conference: 'अगर मैं काफी स्मार्ट हूं तो इसमें समस्या क्यों है?' US, जर्मनी को विदेश मंत्री जयशंकर की दो टूक

म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन से इतर बोलते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने विश्व की दो महाशक्तियों अमेरिका और रूस के बीच जारी गतिरोध के बीच दोनों देशों से अपने संबंध साधने को लेकर बात रखी.

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S Jaishankar In Munich Conference: पश्चिमी देशों द्वारा रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल खरीदने के भारत के कदम का समर्थन करते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि यह दूसरों के लिए समस्या नहीं होनी चाहिए.

वर्तमान में चल रहे म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन से इतर बोलते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि समकालीन दुनिया में एक आयामी संबंध रखना कठिन है. सामाजिक कार्यकर्ता और पुतिन के विरोधी एलेक्सी नवलिनी की जेल में मौत को लेकर चल रहे वैश्विक हंगामे के बीच एस जयशंकर ने उस सवाल के जवाब में यह बात कही जिसमें उनसे पूछा गया था कि नई दिल्ली मॉस्कों के साथ व्यापार जारी रखते हुए वाशिंगटन के साथ अपने बढ़ते द्विपक्षीय संबंधों को कैसे संतुलित कर रही है?

'मैं इतना स्मार्ट हूं..आपको मेरी प्रशंसा करनी चाहिए'

इसका जवाब देते हुए विदेश मंत्री ने कहा, 'क्या यह एक समस्या है, यह एक समस्या क्यों होनी चाहिए? अगर मैं इतना स्मार्ट हूं कि मेरे पास विकल्प हैं तो इसमें आपको मेरी प्रशंसा करनी चाहिए. क्या है दूसरों के लिए एक समस्या है? मुझे ऐसा नहीं लगता. हम यह जानने की कोशिश करते हैं कि देशों के बीच अलग-अलग क्या मतभेद हैं. आज एक आयामी संबंध रखना बहुत कठिन है.'

अमेरिका, जर्मनी के सामने विदेश मंत्री का बेबाब जवाब

जिस समय एस जयशंकर ने यह बात कही उस समय अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन, जर्मनी के विदेश मंत्री एनालेना बेयरबॉक उनके बराबर में खड़े थे.

'हम बिना भावनाओं के कोई लेन-देन नहीं कर रहे'

भारत के विदेश मंत्री ने आगे कहा कि अलग-अलग देशों और अलग-अलग रिश्तों का अलग इतिहास होता है. अगर में अमेरिका और जर्मनी की तरफ देखना चाहता हूं तो यह निहित है. किसी भी रिश्ते के पीछे एक इतिहास होता है. हमारे मामले में यह बहुत अलग है. हम लोगं से मिलते हैं, चीजों पर भरोसा करते हैं, कुछ चीजों पर सहमत होते हैं लेकिन ऐसा भी समय होता है जब आप अलग-अलग स्थान पर होते हैं और आपके विकास के स्तर अलग-अलग होते हैं और ये अलग-अलग अनुभव उसमें समाहित होते है. इसलिए मैं बिल्कुल भी ये नहीं चाहता कि आपको अनजाने में भी ऐसा आभास हो कि हम बिना भावनाओं के लेन-देन कर रहे हैं. म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर की अपने चीनी समकक्ष वांग यी से अचानक मुलाकात हुई.

गौरतलब है कि पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के बावजूद भारत ने रूस से कच्चे तेल का आयात जारी रखा है. ऐसा माना जा रहा है कि भारत के इस कदम से पश्चिमी देश उससे नाराज हो सकते हैं.

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