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Pankaj Udhas Prolonged Disease: आखिर कौन सी है वो बीमारी जिसने ली पंकज उधास की जान, जानें क्यों और कैसे करता है वार

Pankaj Udhas Prolonged Disease: भारतीय संगीत जगत के मशहूर सितारे पंकज उधास ने सोमवार को अपनी आखिरी सांसे ली और बिना कोई चिट्ठी लिखे संसार को अलविदा कह गए.

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Pankaj Udhas Prolonged Disease: गजल सम्राट पंकज उधास ने सोमवार को मुंबई में अपनी आखिरी सांसे ली और अपने फैन्स को अलविदा कह गए. चिट्ठी आई है से दुनिया भर में अपने लाखों फैन बनाने वाले पंकज उधास लंबे समय से पैंक्रियाज कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे और एक लंबे इलाज के बावजूद भी वो इससे उबर नहीं पाए. पंकज उधास की बेटी नायाब उधास ने उनके निधन की खबर दी जिसके बाद पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई.

ऐसे में आइये एक नजर उस बीमारी पर डालते हैं जिसने गजल सम्राट पंकज उधास को उनके चाहने वालों से दूर कर दिया. क्यों ये बीमारी इतनी जानलेवा होती है और कैसे इससे बचा जा सकता है.

आखिर क्या होता है पैंक्रियाज कैंसर

पैंक्रियाज (अग्नाशय) पेट के पीछे स्थित एक ग्रंथि है. यह पाचन एंजाइम बनाकर भोजन को तोड़ने में मदद करती है और साथ ही ब्लड शुगर को नियंत्रित करने वाले हार्मोन भी बनाती है. लेकिन, कभी-कभी पैंक्रियाज के टिशूज में असामान्य वृद्धि हो सकती है, जिससे "पैंक्रियाज कैंसर" नामक गंभीर बीमारी हो सकती है. 

कैसे कर सकते हैं इस बीमारी की पहचान

पैंक्रियाज कैंसर के लक्षण अक्सर शुरुआत में साफ नहीं होते, जिससे इसका पता लगाना मुश्किल हो जाता है. यही कारण है कि इसके सिम्टम्स के प्रति सतर्क रहना महत्वपूर्ण है. आइए एक नजर उन सिम्टम्स पर डालते हैं जिनका ध्यान रखकर इस बीमारी से बचा जा सकता है. यदि आपको इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई देते हैं, तो जल्द से जल्द डॉक्टर की सलाह लेना बहुत जरूरी है.

पेट के ऊपरी भाग में लगातार दर्द: यह दर्द आमतौर पर पीठ की ओर भी जाता है और खाने के बाद या लेटने पर बढ़ सकता है. 

अचानक वजन कम होना: भूख कम न लगने के बावजूद वजन कम होना इस बीमारी का एक संकेत हो सकता है.

पीलिया (पीलिया): त्वचा और आंखों का पीला पड़ जाना.

पेट में सूजन: पेट में लिक्विड सब्सटांस के जमा होने के कारण सूजन हो सकती है.

पेशाब में शुगर बढ़ जाना: ब्लड शुगर नियंत्रण में समस्या के कारण पेशाब में शुगर की मात्रा बढ़ सकती है.

पाचन संबंधी समस्याएं: दस्त, कब्ज, या तैलीय मल का होना. 

हेल्थी लाइफस्टाइल अपनाएं जोखिम घटाएं

यूं तो पैंक्रियाज कैंसर के होने का कोई निश्चित कारण नहीं है, फिर भी एक हेल्थी लाइफस्टाइल को अपनाकर कुछ जोखिम कारकों को कम किया जा सकता है. आइए एक नजर उन स्टेप्स पर डालते हैं जिन्हें फॉलो कर इसके होने की संभावनाओं को कम किया जा सकता है.

स्मोकिंग से दूर रहें: स्मोकिंग पैंक्रियाज कैंसर का एक प्रमुख जोखिम कारक है. स्मोकिंग छोड़ने से इस खतरे को काफी कम किया जा सकता है.

BMI मेनटेन रखें: मोटापा पैंक्रियाज कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है. स्वस्थ आहार और नियमित एक्सरसाइज से वजन को कंट्रोल रखना जरूरी है.

पौष्टिक आहार लें: फैटी और प्रोसेसड फूड का सेवन कम से कम करें और उसकी जगह फल, सब्जियां और साबुत अनाज का अधिक सेवन करें. एक संतुलित आहार आपके पूरे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है.

नियमित रूप से एक्सरसाइज करें: शारीरिक रूप से सक्रिय रहना आपके समग्र स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है और यह पैंक्रियाज कैंसर के खतरे को कम करने में भी मदद कर सकता है. 

कैसे होता है इस बीमारी का इलाज

पैंक्रियाज कैंसर का इलाज कैंसर के चरण और फैलाव पर निर्भर करता है. कुछ सामान्य उपचारों में शामिल हैं:

ऑपरेशन/सर्जरी: यदि संभव हो, तो कैंसरग्रस्त टिश्यू को सर्जरी द्वारा निकाल दिया जाता है. यह प्रारंभिक चरण के कैंसर के लिए एक उपयुक्त विकल्प हो सकता है.

कीमोथेरेपी: कैंसर टिशूज को नष्ट करने के लिए दवाओं का उपयोग किया जाता है. कीमोथेरेपी अक्सर सर्जरी के बाद या अकेले ही दी जा सकती है.

रेडिएशन थेरेपी: कैंसर टिशूज को नष्ट करने के लिए हाई एनर्जी रेज का उपयोग किया जाता है. रेडिएशन थेरेपी का उपयोग अक्सर सर्जरी या कीमोथेरेपी के साथ में किया जाता है.