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'राष्ट्रपति, सीजेआई सब दिल्ली में रहते हैं क्या उन्होंने कभी नहीं सोचा कि...',वायु प्रदूषण को लेकर जमकर बरसे विवेक अग्निहोत्री

दिल्ली समेत पूरे भारत में तेजी से बढ़ते वायु प्रदूषण पर चीफ जस्टिस द्वारा व्यक्त की गई चिंता पर फिल्म मेकर विवेक अग्निहोत्री ने प्रतिक्रिया दी है.

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Sagar Bhardwaj
'राष्ट्रपति, सीजेआई सब दिल्ली में रहते हैं क्या उन्होंने कभी नहीं सोचा कि...',वायु प्रदूषण को लेकर जमकर बरसे विवेक अग्निहोत्री

 Vivek Agnihotri on Air Pollution: दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे भारत में प्रदूषण के कारण लोगों को दम घुट रहा है. साल दर साल ये हालात अब आम होते जा रहे हैं.

हालात इतने गंभीर हो चले हैं कि सर्वोच्च न्यायालय को भी इसमें संज्ञान लेना पड़ा है. दिल्ली के प्रदूषण पर चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा  ने चिंता व्यक्त की है. सुप्रीम कोर्ट के बाद देश के जानेमाने फिल्म निर्माता विवेक रंजन अग्निहोत्री ने भी अपनी प्रदूषण को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है.

चीफ जस्टिस के पोस्ट पर विवेक अग्निहोत्री ने किया कमेंट

फिल्म मेकर विवेक अग्निहोत्री ने चीफ जस्टिस सतीश चंद्र का एक पोस्ट शेयर किया है जिसमें उन्होंने लिखा है कि, 'आज सुबह की सैर पर नहीं जा सका, क्योंकि आंखों में जलन महसूस हो रही थी. जब कार से आ रहे ते तो कुछ दूरी के बाद मुझे कुछ साफ दिखाई नहीं दे रहा था.'

'क्योंकि मरे हुए लोग बोल नहीं सकते'

चीफ जस्टिस के पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए विवेक अग्निहोत्री ने लिखा, 'आखिरकार कोई बोला. कृपया बोलें, विरोध करें, असहयोग करें...आप जो भी कर सकते हैं करें लेकिन पर्यावरण के लिए बोलें. सरकारों पर दबाव डालो या मत डालो लेकिन कृपया इसे यथाशीघ्र ठीक करें, क्योंकि मरे हुए लोग बोल नहीं सकते.'

'2029 के चुनाव में पर्यावरण एक बड़ा मुद्दा होगा'

इसके अलावा विवेक अग्निहोत्री ने एक अन्य ट्वीट करते हुए लिखा- भारत 5 सबसे प्रदूषित शहरों में तीसरे नंबर पर है. राष्ट्रपति से लेकर सबसे छोटे क्लर्क तक, सीजेआई से लेकर अधिकांश पर्यावरण एनजीओ, राज्य सरकार, एमसीडी, दूतावास...वे सभी जो दिल्ली में रहते हैं, क्या उन्होंने कभी नहीं सोचा कि इसका हमेशा के लिए हल निकाला जाना चाहिए. मुंबई के साथ भी ऐसा ही है. राज्यपाल, सरकार, फाइनेंस, मीडिया, मनोरंजन जगत के सभी लोग मुंबई में हैं...फिर भी कोई भी कोई कदम नहीं उठा रहा है. क्या समाधान है? लगातार सार्वजनिक विरोध? असहयोग...मुझे लगता है कि 2029 के चुनाव में पर्यावरण एक बड़ा मुद्दा होगा.

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