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UP kannauj Lok Sabha Seat results 2024: अखिलेश यादव ने ले लिया डिंपल की हार का बदला, कन्नौज से सुब्रत पाठक को हराया

Uttar Pradesh kannauj Lok Sabha Seat results 2024: उत्तर प्रदेश की कन्नौज की लोकसभा सीट पर जहां इंडिया गठबंधन की ओर से समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव सियासी मैदान में उतरे थे तो वहीं पर बीजेपी ने अपने कद्दावर नेता सुब्रत पाठक को मैदान में उतारा था. आइये एक नजर इस सीट के नतीजों पर डालते हैं.

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India Daily Live
Kannauj
Courtesy: IDL

Uttar Pradesh kannauj Lok Sabha Seat results 2024: कन्नौज लोकसभा सीट का नतीजा आ चुका है. यहां से सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बड़े अंतर से जीत दर्ज की है. उन्हें 642292 वोट मिले. उन्होंने अपने विरोधी सुब्रत पाठक को 170922 मतों के अंतर से मात दी है. सुब्रत पाठक को 471370 वोट मिले. अखिलेश यादव अगर अब सांसद बन गए हैं. अगर उन्हें सांसद बने रहना है तो विधायक के पद से इस्तीफा देना पड़ेगा.

इस लोकसभा सीट पर करीब 26,12,431 वोटर्स हैं जिसमें हिंदू जनसंख्या 85 से 90 प्रतिशत तो वहीं मुसलमान वोटर्स की जनसंख्या 10 से 15 प्रतिशत है. जातीय समीकरण की बात करें तो यहां पर ईसाई, सिख, बौद्ध, जैन वर्ग से आने वाले वोटर्स 5 प्रतिशत के अंदर आते हैं. कैटेगरी की बात करें तो यहां पर 21 प्रतिशत अनुसूचित जाति तो वहीं 79 प्रतिशत वोटर्स जनरल वर्ग से आते हैं. यहां की 14 प्रतिशत आबादी शहरी इलाकों से हैं तो वहीं पर 86 प्रतिशत आबादी ग्रामीण इलाकों से हैं.

2019 में कौन जीता था?

साल 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी सुब्रत पाठक और सपा उम्मीदवार डिंपल यादव के बीच चुनावी जंग देखने को मिली थी. जिसमें सुब्रत पाठक 563,087 वोट यानी कि 49.37 प्रतिशत वोटों को पाकर अपना विजय तिलक करवाया था. वहीं सपा उम्मीदवार डिंपल यादव 550,734 वोट यानी कि 48.29 प्रतिशत वोटों को पाकर दूसरे नंबर पर थी. यहां पर जीत का अंतर मात्र 12,353 वोटों का था.

लोकसभा सीट का इतिहास

कन्नौज लोकसभा सीट पर पहली बार 1967 में चुनाव हुआ जिसमें संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के लिए राम मनोहर लोहिया ने जीत हासिल की तो 1971 में कांग्रेस के सत्य नरायण मिश्र ने कब्जा जमाया. 1977 में जनता पार्टी के लिए राम प्रकाश त्रिपाठी ने तो वहीं 1980 में छोटे सिंह यादव ने जीत हासिल की. 1984 में कांग्रेस के लिए शीला दीक्षित ने वापसी कराई.

1989 में छोटे सिंह यादव ने पहले जनता दल के लिए तो 1991 में जनता पार्टी के लिए इस सीट पर जीत हासिल की. 1996 में बीजेपी के चंद्र भूषण सिंह ने यहां जीत हासिल की. इसके बाद समाजवादी पार्टी ने 1998 से लेकर 2019 तक इस सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा. सपा के लिए यहां प्रदीप यादव (1998), मुलायम सिंह यादव (1999), अखिलेश यादव (2000, 2004, 2009) और डिंपल यादव (2012, 2014) ने जीत हासिल की. 2019 में बीजेपी ने वापसी करते हुए सुब्रत पाठक को उतारा और डिंपल यादव के खिलाफ उन्होंने महज 12,353 वोट के अंतर से जीत हासिल की.