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महाकुंभ के दिन शेयर बाजार में आया भूचाल, निवेशक हुए बर्बाद, आखिर क्यों गिर रहा भारत का मार्केट

Share Market Down Reason: 13 जनरवी को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली. इस गिरावट के पीछे के मुख्य कारण क्या है आइए जानते हैं.

Gyanendra Tiwari
महाकुंभ के दिन शेयर बाजार में आया भूचाल, निवेशक हुए बर्बाद, आखिर क्यों गिर रहा भारत का मार्केट
Courtesy: Social Media

Share Market Down Reason: 13 जनवरी को शेयर बाजार में फिर भूचाल आया. सेंसेक्स और निफ्टी धड़ाम-धड़ाम गिरे. एक ओर प्रयागारज में महाकुंभ में करोड़ों लोगों ने डुबकी लगाई तो शेयर मार्केट में करोड़ों रुपये स्वाहा हो गया. शेयर मार्केट में आखिर क्यों इतनी गिरावट आ रही है. आइए इसे समझने की कोशिश करते हैं. 

सोमवार को सेंसेक्स 1048.9 अंक गिरकर 76303 के स्तर पर बंद हुआ तो निफ्टी 345.55 अंक गिरकर 23085 के स्तर पर बंद हुआ. निवेशकों के लगभग 12 लाख करोड़ रुपये डूब गए हैं. ऐसे में बहुत सो लोग इसे महाकुंभ से भी जोड़कर देख रहे हैं. लेकिन महाकुंभ कि वजह से बाजार नहीं गिरा है. आइए जानते हैं कि आखिर भारतीय शेयर बाजार गिरने के मुख्य कारण क्या है. 

क्यों गिर रहा है शेयर बाजार

तेल की कीमतों में उछाल:  शेयर बाजार गिरने के पीछे कई प्रमुख कारण है. इन प्रमुख कारणों में से एक सबसे बड़ा कारण है कि कच्चे तेल के दामों में वृद्धि होना. सोमवार को कच्चे तेल की कीमते तीन महीने की सबसे उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है. तेल के सबसे उच्चतम स्तर पर पहुंचने का मुख्य कारण अमेरिका द्वारा विभिन्न खाड़ी देशों पर लगाए गए प्रतिबंधों के चलते भारत में कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित होना. 

ऑल टाइम हाई पर पहुंचा रुपया:भारत का रुपये अपने ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया है. इसका भी असर शेयर बाजार में देखने को मिल रहा है. भारतीय रुपये डॉलर के मुकाबले ऑल टाइम लो पर पहुंच गया है. भारतीय रुपये ने 86 के आंकड़े को क्र कर दिया है. एक डॉलर की कीमत 86.50 रुपये तक हो गई है. ऐसे में इसका असर सीधे तौर पर शेयर मार्केट पर पड़ रहा है. 

आर्थिक मंदी भी शेयर बाजार में गिरावट का कारण: भारत सरकार के अग्रिम अनुमानों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025 में जीडीपी वृद्धि की गति धीमी होने की संभावना है, जो सुस्ती को दर्शाता है. अनुमान है कि इस वर्ष वास्तविक जीडीपी वृद्धि वित्त वर्ष 2024 के 8.2% से घटकर 6.4% रह सकती है, जो वित्त मंत्रालय के 6.5% और रिजर्व बैंक के 6.6% के पूर्वानुमानों के आंकड़ों से कम है. 

भाग रहे हैं विदेशी निवेशक: शेयर बाजार के गिरने का सबसे बड़ा कारण विदेशी निवेशकों का मार्केट से दूर भागना है. अधिकतर विदेशी निवेशक बिकावली कर रहे हैं. ऐसे में इसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर पड़ रहा है. विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) और विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) 2025 की शुरुआत से ही शेयरों को बेच रहे हैं. 10 जनवरी तक विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर मार्केट से 22,259 करोड़ रुपये निकाला है. इसका असर भारत की अर्थव्यवस्था में पड़ा है.
 

डिस्क्लेमर: यह खबर सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से लिखी गई है. हम किसी को कहीं भी निवेश करने की सलाह नहीं दे रहे हैं. कहीं भी निवेश करने से पहले अपने आर्थिक सलाहकार से सलाह अवश्य ले लें.