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भगवान श्रीराम ने की थी इस मंदिर की स्थापना, अब चुनाव में विजय का आशीर्वाद लेने पहुंचा लालू परिवार

Hariharnath Dham : राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू यादव अपनी दोनों बेटियों मीसा भारती और रोहिणी आचार्या समेत सोनपुर के हरिहरधाम मंदिर में पहुंचे हैं. लोकसभा चुनाव में उतरने से पहल लालू परिवार प्रभु से आशीर्वाद लेने आया है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस मंदिर का इतिहास क्या है और यह कितना पुराना है. अगर नहीं तो आइए जानते हैं कि क्या है हरिहर धाम का इतिहास?

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India Daily Live

Hariharnath Dham : बिहार के सोनपुर स्थित हरिहर धाम में सोमवार को राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव लोकसभा उम्मीदवार अपनी बेटियों मीसा भारती और रोहिणी आचार्य के साथ पहुंचे हैं. यहां पहुंचकर उन्होंने पूजा अर्चना करके दोनों बेटियों की विजय का प्रभु से आशीर्वाद मांगा है. बिहार का यह मंदिर प्रभु श्रीराम के समय से है. मान्यता है कि इसकी स्थापाना प्रभु श्रीराम ने स्वयं की थी. इस मंदिर में सच्चे मन से की गई पूजा अर्चना हर मनोकामना को पूरा करती है. 

बिहार के वैशाली जिले के सोनपुर में स्थित बाबा हरिहरनाथ धाम मंदिर का इतिहास सालोंसाल पुराना है. माना जाता है कि यहां पर भगवान शिव और भगवान श्रीहरिविष्णु एक ही शिला पर मौजूद हैं. यह मंदिर भगवान शिव की जटा से निकलने वाली गंगा और भगवान श्रीहरिविष्णु को प्रिय नारायणी नदी के संगम पर स्थित है. 

विवाद होने पर ब्रह्मा ने स्थापित किए दोनों भगवान 

मान्यता है कि जब शैव और विष्णु संप्रदाय के बीच अपने-अपने पंत को लेकर विवाद होने लगा तो ब्रह्मा जी ने एक ही शिला पर भगवान शिव और श्रीहरि विष्णु को स्थापित कर दिया था. इससे झगड़े का अंत हो गया था. मान्यता है कि महाशिवरात्रि के मौके पर इस दिन धूमधाम से शिव बारात निकाली जाती है. वहीं, कार्तिक माह में इस मंदिर में भगवान श्रीहरिविष्णु का पूजन किया जाता है. 

गज का किया था उद्धार

पौराणिक मान्यता के अनुसार यहीं पर गज का पांव मगरमच्छ ने पकड़ लिया था. भगवान श्रीविष्णु ने यहीं पर मगरमच्छ को मारकर गज का उद्धार किया था. 

भगवान श्रीराम ने किया था मंदिर का निर्माण

मान्यताओं के अनुसार इस मंदिर का निर्माण प्रभु श्रीराम ने सीता स्वयंवर के समय जाते वक्त किया था. मान्यता है कि सीता स्वयंवर में जाते समय भगवान श्रीराम ने यहां रुककर भगवान शिव की पूजा की थी. इस दौरान भगवान शिव ने प्रभु श्रीराम को सीता स्वयंवर का हाल बता दिया था. उन्होंने प्रभु को बताया था कि भविष्य के लिए आपको शिव धनुष उठाना आवश्यक है. इस पर श्रीराम ने शिव जी से धनुष उठाने की आज्ञा मांगी थी. इसके बाद उन्होंने इस मंदिर का निर्माण किया था. इसके बाद राजा मान सिंह ने मंदिर का जीर्णोंद्धार कराया था. 

Disclaimer : यहां दी गई सभी जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है.  theindiadaily.com  इन मान्यताओं और जानकारियों की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह ले लें.